जैन तंत्र शास्त्र | Jain Tantra Shastra

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2.61 MB
कुल पष्ठ :
191
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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२. श्री अजितनाथ तीर्थकरअनाहत सर्ववशीकरण मग्त्र-पन्त्रनिम्नलिखित मन्त्र श्री अजिननाय तीर्थवर का अनाहत मन्त्र है।
इसके प्रयोग से राजदरबार में अधिकारीगण तथा अन्य सब लोगो वा
वशीकरण होता है ।मस्त्र- 3 णमो भगवदों अजितस्स धम्मे भगवदों विज्साणं
महाविज्ञाण । 3 णमो जिणाण, ७ णनो परमोहि जिणाणं, 3 णमों
सब्योहि जिणाण भगवदों अरहतों भजितस्स सिज्सधम्मे भगवदो विज्सर
महाविज्सर अजिते अपराजिते पाणिपादे महावले अनाहत विद्या स्वाहा ।”साधम-विधि--सर्वे प्रथम आगे प्रदर्शित चिन (सप्या ९) के
वो फिसी स्वर्ण, चाँदी अथवा तोंवे के पत्र पर खदवाले। फिर एकहु
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हिपटरीया २2

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