अँधा कुआं | Andha Kunaa

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Andha Kunaa by लक्ष्मीनारायण लाल -Laxminarayan Lal

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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ं अधा कुमो लग [ मगौती कौ पकड़े हृए मनक उते दर हटाले . ` जाते हैं ओर उसके हाय क्र गेडाता कीन लेतेह।] ` ४ (क्रोध से) एकदम पागल मत बनो भगौती ! नदीतो € सारी चौकी भूल जायगी ! क्या समा है अपने को ? {4 : नहीं, नहीं, रोको नहीं ! मारने दो इसे (मगोती से) 1 (1 चलाञ्नो गेदासा ! मारो ! मै मरने परदी तली! : (अवे मे) मना करदो सुक्रियाफो, नहींतोचैजान ` पर खेल जाऊंगा काका ! ५ खेल जान पर । खेलन न 4. =: ल भगौती को हटाते हुए) जा सूः भीतर जा ॥ ही ८ 1 न चली जा; यहाँ से ! ओ 4 : कह जाऊ (बीच ही में सौत के सँह में जा ! और कहाँ जायेगी सौत के सँह में तो जा ही रही हूँ लेकिन '*' “” लेकिन हाँ, हाँ, बोल ! चुड़ेल कहीं की ! (सॉफलाहट से) नहीं मानोगे भगौती 4. क्रोध से) मेरी ननर से इसे दूर हटा दो काका! इसे देखते ही मुझ पर छिपकली चढ़ जाती है 1 (वीची म) अव सुन लिया न ! डला लाश्नोर्गावभर ` 4 ~ 4 4: पर




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