हिन्दी कहानियों की शिल्प - विधि का विकास | Hindi Kahaniyon Ki Shilp - Vidhi Ka Vikas
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
34 MB
कुल पष्ठ :
401
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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'पटाडी-- कहानी शिल्पविधि में प्रयोगशीलता---रेखाचित्र--सूच-
तनिका--्रद्नत्तियों श्रोर कहानीकारों की विशिष्ट शली के आधार पर
शिल्पविधि का विकास | पृष्ठ--२ ३८-२९ ८
उद्गम और विकास सूत्र
विविध-युगो मे कहानी-कला को प्रेरणाए--श्राविर्भाव युग--
सस्क्ृत नाटकों की कथावस्तु--शेक्सपियर के नाटकों की कथावस्तु --
उदूँ किस्सा ओर अफसाने--लोक कहानियाँ--प्रारस्भिक बँगला
कहानियाँ--विकास युग--पश्चमी कहानी-साहित्य का सम्पर्क--
सक्रान्ति युग--छसों कहानी-धारा-फ्रान्सीसों कहान-धारा--श्रमे रिक्रत
कहानी-धारा--अ्रंग्रेजी कहानी धारा--बेंगला कहानियाँ । पृष्ठउ---२६ ६ - ३२३
कहानोकला कौ समीक्षा
॥ कहानी-कला का विकासोन्मुखः रूप--फहानी के तत्व---
कथावस्तु--पात्र आर चरित्र चित्रणु--वर्णन' द्वारा-सक्रेत द्वारा--
कथोपकयथन द्वारा-घटना काय व्यापार द्वारा--चरित्र विदलेपगा--
मानसिक ऊद्मापोह--कथोपफ्थन--स्थिति ग्रथवा वातावरण-शेली---
भाषा शेली--रछूपविधान शैली--ऐतिहासिक शली--पअ्रात्मचरित्र
शेली--पत्रात्मक शोेली---डायरी शली--नाटकीय शेली--एकाकी
नाटक शली--मिश्रित शैली--उद्देश्य । कहानियों का वर्गकरणा
कथानक प्रधान कहानी---चरित्र प्रधान कहादी--बातावरणा प्रधान
कहानी--वाताव रण प्रधान कहानी--विविध कहानियाँ। पृष्ठ--३ २४-२५६
उपसंहार
(क) कहानी कला श्रौर साहित्य के भ्नन्य प्रकार -कहानी
और उपन्यास--कहानी সী एकाकी नाटक--कहनी मरोर निवन्ध--
कहानी और गद्यगीत तथा रेखाचित्र--कहादोी श्लौर गोत--कहानी
ग्रौर खड कत्य | पृष्ठड--३६०-३१६४५
(ख) कहानी के शिल्प-विकास की मान्यता । पृष्ठ--३६६-३६५
परिशिष्ट: कः
कहानी शिल्प मे कथानक का ह्वास
परिशिष्ट : खः
आज की हिन्दी कहानी : दिशा श्रौर मूल्याकन
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