पालि हिंदी कोश | Pali-hindi Kosh ( Pali Hindi Dictionary )

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Add Infomation AboutBhadant Aanand Kausalyayan
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
13.8 MB
कुल पष्ठ :
374
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)झधिकोट्टन, नपु०, जल्लाद का थडा ।झ्रघिकोधघित, वि० , श्रत्यन्त क्रोघित 1झधिगच्छति, क्रिया , प्राप्त करता है ।अधिगन्छि, भुतकालिक क्रिया, प्राप्त
किया ।झधिगण्हाति , क्रिया, पार कर जाता
है, प्राप्त करता है, लाँघ जाता है ।अधिगम, पु० ; प्राप्ति, ज्ञान ।अधिचित्त, नपु०, चित्त को एकाग्र
करने की साघना ॥अधिच्च, पुर्वे-क्रिया , पढ़कर या पाठ
करके ।अझधिच्च, समुप्पनन, घि०,
उत्पन्न ।ध्रधिट्ठाति, क्रिया, हृढ सकत्प करता
है।झघिट्ठातब्ब, कृदन्त , श्रघिष्ठान करने
योग्य ।अधिट्ठायक, वि०, निरीक्षक ।अझधिप (अधिपति) , पु०, स्वामी,
दासक ।स्त्री० , श्रेष्ठ प्रज्ञा ।भ्रघिपतन, नपु, श्राकमण, ऊपर भा
पढ़ना, उछलना-कुदना ।अधिपन्न, वि ०, यृट्टीत ।अधिपात, पु०, टुकडे-टुकडे हो जाना,
।अधघिपातक, पु० , भीगुर,भंख-फोदवा ।अधिपातेति, क्रिया , नाक कर डालता
है।झधिप्पघरति, किया, चूता है ।अधिप्पाय, पु० ;, भभिप्राय, इरादा ।झधिभवति, क्रिया , नीचे दबा देता है ।भधिमत्, वि० , अत्यधिक मात्रा ।अझकारण१७भनजूणभ्रधिमन, पु०, चित्त की एकाग्रता ।
अधिमान, पु० , अमिमान, भहद्टार ।
श्रघिमानिक, वि०, ऐसा व्यक्ति जो
भूठ-मुठ ही समभता है कि उसने
कोई सिद्धि प्राप्त कर ली है ।
भ्रधिमुच्चति, क्रिया , भुकता है, प्रनु-
रक्त होता है ।
झधिमुस्चन, नपु०, करना,
इरादा करना ।
अ्धिमुत्ति, स्त्री, संकल्प, भुकाव ।
अधघिसोक्ख पु०, दृढ निदचय ।
श्रघिरोहनी, स्त्री , सीढ़ी ।
झधिवचन, नपु , सका, नामकरण ।
अ्रघिवत्तति, क्रिया, अतिक्रमण कर
जाता है, परास्त कर देता है ।
ध्घिवत्थ, वि० , रहने वाला ।
श्रघिवसति, क्रिया , रहता है ।
झधघिवासक, वि ०, सहनदील ।
अधघियासना, स्त्री ० , सहनकीलता ॥
अझधिवासेति, क्रिया , सहन करता है ।
झघिसील, नपु , श्रेष्ठतर सदाचार ।
झधिसेति, क्रिया , लेटता है, बठता है,
रहता है, भ्रनुकरण करता है ।झधीन, वि०, निर्भर |भ्रघीर्यात, क्रिया , भ्रषघ्ययन करता है,
कष्ठस्थ करता है ।झघुना, विदेषण, भव, भिरकात
पुर्व ।झघो, झ्व्यय , नीचे ।झघोकत, वि, नीचे किया गया ।
अधघोगम, वि ० पतनोन्मुखझषो भाग, पु० नीचे का हिस्सा । भ्रघो-
मुख, दि०, नीचे मुंह किये !वि०;. राग-द्वेष रहिठ,
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rakesh jain
at 2020-12-09 10:52:07