अफनासी निकितिन की भारत यात्रा | Aafnasi Niketen Ki Bharat Yatra

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Book Image : अफनासी निकितिन की भारत यात्रा  - Aafnasi Niketen Ki Bharat Yatra
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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दिया श्रौीर चमचमाते टृए झरने की कलकल के साथ गाना. शुरू करहोड़ लगाते हुए दिया -श्रासमान में वाज़॒ उड़ा वोल्गा की धारा के ऊपर हहराती लहरों के ऊपर इठलाती हंसिनी के ऊपर चकराता , मंडराता , तिरता !लोगों ने भी तेज श्रावाज़ में गाना श्रारम्भ किया -नील गगन में वाज़ उड़ा ,में वाज़॒ उड़ा ! निकीतिन का चेहरा लाल हो उठा, गरदन की रगें तन गयीं थेश्रांखें साहस श्रौर शरारत से चमक उठीं। उसने फिर गाना शुरू किया -नील गगन2-1576 १७




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