छान्दोग्योपनिषद | Chhandogyopnishad

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
68 MB
कुल पष्ठ :
972
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)( १४ }तृतीय खण्ड
१. पाञ्चाटोकी समामे उ्वेतकेनु
२. प्रवाहणके प्रदन
३. प्रवाहणसे पराभूत उेतद्ेतुकरा अवने (नाके पाम् जाना
४. पिता-परुचका प्रवाहणके पाम जाना ध
५. प्रवाहणका वरप्रदानचतुथं खण्ड.६. पञ्चम प्रका उत्तर
७. टोकल्पा अथिविन्यापञ्चम खण्ड९८. पजन्यरूपा अथिविनच्रा «४ २षष्ठ खण्ड२९. प्रथिवीरूपा अविद्या হল এसप्तम खण्ड
७०. पुरुपरूपा अमिविद्या
| অগুল खण्ड
७१. स््रीरूपा अमभिविद्यानवम खण्ड७२. पश्चम आहुतिमे पुरुपत्वको प्राप्त हुए. आपकी गति * *दरशम खण्ड
७२. प्रथम प्रभका उत्तर'७४. तृतीय प्रश्नका उत्तर নি
( देवयान ओर धूमयानका व्यावतंनस्थान )१७५. द्वितीय प्रश्नका उत्तर
( पुनरावतनका क्रम )१७६. अनुशयी जीवोकी कर्मानुरूप गति हाफ
१७७. चतुर्थ प्रश्नका उत्तर( अशास्तरीय प्रवृत्तिवालोंकी गति )
१७८, पोच पतित कक
१७९, पश्माप्मिविद्याका महत्त्व °४७९२* ४७८क হট) ক४८५क ८ ९ ©५०५
५.०७कर ५ १ ©५११
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