पोथी सारबचन राधास्वामी नजूम यानी छन्दबंद | Pothi Sarbachan Radhaswami Najum Yani Chhandband Volume-i
श्रेणी : धार्मिक / Religious

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
19.15 MB
कुल पष्ठ :
444
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)वाक़ा है द्यौर शक्तर से जो. सकान
हुजर साहेब. का हे वहाँ चन्द यहस्थी
मद व द्ौरत रहते है च्योर अपना
अस्यास कर रह है।
... (६) राधास्वासी सत को सन्तमत
मी कहते है । पिछले वत्त्तां मेँ यह सत
निह्दायत गप्त रहा तौर जो कि इसका
अभ्यास शुरू से प्रानायास के साथ किया
जाता था इस सबब से बहुत कम लोग
इससे वाकिफ़ थे त्प्रौर न किसी से अस्यास
बन सत्ता था क्या कि. प्रानायास करने
मेँ संजस द्पौर परकह्ेज़ सख्त दरकार है
द्यौर खतरे सी बहुत हैं। आर इस सबब
से यह दास इस क़ंदर सुशक्लि था कि
कोई इस में कदम नहीं रख सक्ता था ।
अब हुजर रांधास्वासी साहेब ने सेसी
सक्तज जगत पीर आसान तरीक् सुरत
पाब्द जोग दो अपनी दया से प्रगट
किया है कि जो कोइ सच्चा शौक़ रखता ईन--पस्सवटस टन
इक 1. बजहि व व अ्य्यमन
कललललपलएपटपयरणणनण निदगव््यागदाव-
नरक धन किट् अगनगजाकतनगा लिन

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