भारतीय प्राचीन लिपिमाला | Bhartiya Prachin Lipimala

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Bhartiya Prachin Lipimala by गौरीशंकर हरिचंद ओझा - Gaurishankar Hirachand Ojha

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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शथूखी पत्र किपिपत्र २० घा-मेयाढ़ के गुद्लिवंशी राजा अपराजित के समय के लेख से ९९ घा-राजा हपे के दानपत्र तथा राजा अशुष मंत्र, दुगगण भादि के लेखों स. २२ धा-पंया पे राजा मस्घर्मन्‌ के ५ लेखों में श धा--प्रतिददारघंशी राज्ञा नागसट, बाउक झोग क्वदु क के लेखों से. ( नागरी लिपि--लिपिपत २४-२७ ) २४ घा-जाइक्देंच के दानपत्र, घिजयपाहा के लेख भर हस्तलिखित पुस्तक से २४ घा-देवल, धार, उदयपुर ( ग्वालियर ) अर उद्ेन क लग्न से ९६ दा-चद्रदेघ के दानपघ्र, दस्त लिखत पुरतक श्रौर जाजललवेव के लेख से २७ घा--परमार घार।घप, 'वाइमान घाचिगदघ और गुद्धित समरसिंद् के समय लेस्ती से ( शारदा लिपि--लिपिपत्र ८-३१ ). रेप घां-सराहा से मिली हुई सात्यकि के समय की घशस्ति से २६ घा--सुगल से मिले हुए राजा विद्ग्घ के दानपत्र से ३० सानमिन्न मिस्र दानप्रों श्र शिलालिखा से ३१था-छशुलू के राजा यहादुरसिंद के दानपश्र झार इस्तलिखित पुस्तकों से ( बंगला लिपि--लिपिपत्त ३२-३४ ) ३९ धा--बंगाल के राजा नारायणपाल शोर घिजयसन के. समय के लेखों से प्रे३ घधा-धंगाल के राजा लदमणसिन श्ौर वामरूंप के वेयद्घध के दानपत्रों से ३४ घा-धघर्लमेंद्र के द नपन्र और इस्तलिंग्वित पुस्तकों से इ४ घां-दस्नाबोल के लख अर पुरुपात्तमदेघ के दानपत्र से, ( पश्चिमी लिपि--लिपिपह ३६-४० ) इ६ घां--राजा मरवमेन्‌ और वु माग्युप्त के समय के मदसोर के लेखों से इ७ ची--घलभी के राजा घर न छार घरसेन ( दुसरे ) के दानपत्रो से पद घा-शाय्लक खिंहादित्य शोर घलमी के गजा शीलादित्य ( पाचघ ) के दानपत्रो से ३६ घा--शरैकूटकघशी दृद्सेन और शुजंरघशी रणप्रह तथा दुद्द ( दूसरे ) के दानपत्रं से ४० चां-'घालुध्य युघराज ध्याधय ( शीलादित्य ) झौर राप्ट्कूर < केराज के दानपत्रो से ( मध्यप्रदेशी लिपि--लिपिपतर ४१-४९ ). ४१ चां--घावाटव घंशी राजा प्रचरसेन ( दूसरे ) के सोम दानप् से ४२ घां-पृथिधीसेन, महासुदेव झऔर तिथविरदेव के दानपत्रा से ( तेलुगु-कनड़ी लिपि--लिपिपन्र ४३-५१ ). ४१ घा--पलव्लचवंशी राजा चिप्युगोपघमन 'मौर सिहवर्मन के दानपत्री से भ्रष्ट चा-कद्बयशी राजा सगेशयमेन और काकुस्थवमंत्र के दानपत्रा से एश चा-पघालुक्यपशी राजाझो के लख शोर दानपत्रा से ४६ घां-कंड्र से मिले इुए घालुप्यपशी राजा बीर्तिचमन्र ('दुर्परे ) के दानपत्र से ४७ चा--बडब से मिले इुए राप्ट्कूर दशा राजा प्रभूतचर्ष ( गोधिंद्राज तीसरे ) के दानपत्र थे ध८ चा--पूर्षी सालुक्यदशी राजा मीम ( दूसरे ) अं।र अम्म ( दूसरे ) के दानपत्रो से भ६ वां--कोरुमेदिल से मिले हुए पूर्वी शालुक्यवर्शी राज्राज के दानपत्र से ४० बां--काकसीययंशी राजा रद्रदेव झार गणुर्पात के समय के लेखा से ४९ चा-मामय मायक, झन्नदेस झौर गाणदव के दानप्रों से




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