षोडश संस्कार | Shodash Sanskar लालाराम जी शास्त्री - Lalaram ji Shastri
श्रेणी : जैन धर्म / Jain Dharm

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3.83 MB
कुल पष्ठ :
162
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)समप्रिघा ७
दर्भासन पर पद्मासन मारकर पश्चिमकी झोर
( प्रतिमाके सन्मुख ) मुख कर बेठे। होमादि
द्ब्पोंको यथास्थान स्थापनकर परिचारकोंको
( सहायता देनेवाले शिव्यवर्गों को ) झपने २
काममें नियुक्त करे। दोमकी समाप्ति पयन्त
मोनघ्रत धारणकर परमसात्माका ध्यानकर श्री
जिनेन्द्रको आअ्प्य दे, तपंण कर बीचके तीथेकर
कुएइमें सुगंधि द्रव्यसे झग्निमंडल लिखे।
अग्विमंडलका चित्र यह है :--
अनन्तर एक दभपूलमें थोड़ासा लाल
कपड़ा लपेटकर मन्त्र पढ़ते हुए अधिको जलावे
साथमें घी भी डालता जाय ।
अपन जलानेके बाद आचमन प्राणायाम
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