हमें प्लूटो के बारे में कैसे पता चला ? | HOW DID WE KNOW ABOUT PLUTO
श्रेणी : बाल पुस्तकें / Children

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutIsaac Asimov
Add Infomation AboutPustak Samuh
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
7 MB
कुल पष्ठ :
34
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
आइज़क एसिमोव -Isaac Asimov
No Information available about आइज़क एसिमोव -Isaac Asimov
पुस्तक समूह - Pustak Samuh
No Information available about पुस्तक समूह - Pustak Samuh
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)को बुलाया जिसने उन बिम्बों को बहुत ध्यान से देखा। उसके बाद उसने स्लिफर
को बुलाया। गहरे अध्ययन के बाद लेम्पलेन्ड और स्लिफर दोनों को लगा कि
टामबोग ने ग्रह-एक्स को खोज निकाला था।
जनवरी 29, 1930
टामबौग ने प्लूटो की खोज की। इसके लिए उसने आकाश की दो फोगेग्राफ्स
को एक-दूसरे पर ब्लिंक किया। दूसरी फोटो में प्लूटो की स्थिति बदली थी।
कल्पना करें हजारों तारों वाली फोटोग्राफ्कि प्लेट्स की तुलना का काम।
यह बेहद मुश्किल काम था।
पर तब भी उन
तीनों ने इस खोज का
सार्वजनिक खुलासा नहीं
किया। वो उस ग्रह की
कक्षा और गति का
अध्ययन करना चाहते
थे। उनकी खोज सही हे
या नहीं वे यह
सुनिश्चित करना चाहते
थे। वेसे भी वो खोज
का खुलासा एक विशेष
दिन - 13 मार्च को
करना चाहते थे, क्योंकि
वो पर्सिवल लावेल का
जन्मदिन था। अगर 14
वर्ष पूर्व उसका देहान्त
न हुआ होता तो यह
लावेल का 75वां
जन्मदिन होता। उन्होंने
उस शुभ दिन अपनी खोज का सार्वजनिक खुलासा किया।
नए ग्रह का नाम कया हो? यूरैनस की खोज के बाद कुछ लोग नए ग्रह को
उसके खोजकर्ता के नाम पर 'हरशिल' बुलाना चाहते थे। इसी प्रकार नेपच्यून के
User Reviews
No Reviews | Add Yours...