योग के चमत्कार | Yog Ke Chamatkar

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Yog Ke Chamatkar by रामनाथ सुमन - Shree Ramnath 'suman'

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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७ कया मृत्यु पर विजय सभव है वह व्यक्ति इतना अलभ्य है कि दम लोग उसके बारे सें कुछ नहीं जानते । चद्द अपने पड़ोसियों से विल्कुल अलग और एकान्त में रदता है । हमे उसके बीच में नही पड़ना चाहिए 1? कृपया पूछो कि क्या मे उससे घात कर सकता हूँ नही मे यह साहस नहीं कर सकता व्यन्त में श्री ज्रर्टन ने स्वयं हिम्मत की । जल्दी-जल्दी आगे चढ़कर योगी के सामने पहुँच गये किन्तु वह उस समय तक न भलीभांति हिन्दी ही जानते थे न तमिल । सौभाग्य से इस समय भी चहाँ आ गया छौर डरते-डरते उसने योगी से तमिल में कुछ कहा । योगी ने कुछ उत्तर नद्दी दिया । उसका चेद्दरा कड़ा पड़ गया घ्मोर आँखों मे उपेक्षा का भाव झा गया । कुछ देर इसी तरह थीता । श्री न्नरटन को इसी समय यह अनुभव हुआ सानो योगी उनकें हृदय को वेघकर वहाँ जो कुछ हैं उसे साइकस्क्रोप अरणु- चीच्ण यन्त्र की सूचमता के साथ देख रहा दे । कुछ क्षण इसी प्रकार वीते और श्री ज्रटन अझकृतकाय और निराश-से लोटने ही चाले थे कि योगी ने हाथ से पीछे आने का इशारा किया और कुछ दूर पर एक तमाल बृक्त के पास पहुँचकर सब लोग बैठ गये। योगी ने को मघुर वाणी से वार्तालाप करने की स्वीकृति दी । इस योगी का लाम नहासुगन्ध था पर संक्षेप में में रस ब्रह्म लिखूंगा । श्री त्रर्टन ्ौर उसके बीच निम्नलिखित वातें हुइ-- किस प्रकार का योगाभ्यास करते है ?




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