भावप्रकाशः भाग 2 | Bhavprakash Part -2
श्रेणी : आयुर्वेद / Ayurveda

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
50.66 MB
कुल पष्ठ :
672
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)विषयानक्रमणिका 1विषय,भेजनके पात्र ,..
भोजनके प्रथम लक्षण
इृष्टिदोष दूर करनेके लिये
ब्रह्मा आदिका स्मरण , .
मोजनादि कर्म, . , ्ड
स्वादु अन्नके गुण
झुष्कादि अल्लेंकि दोष
सत्तूमक्षणविधि. . .
विषम भाजनका लक्षण ,.,
अकालमें भाजन करनेके दोष
भोजनप्रमाण ,., स्किल
ताम्बूलभक्षण ,. कक
ताम्बूठके शुण , , कि
सुपारीके गुण ,., कि
भोजनके पश्चात् श्रमण करनेके
गुण... ...
पवन सेवनके गुण
« दिनमें सोनेका निषेध
अजीर्णके कारण
अध्यदयनका लक्षण
दिनमें भेधुनका निषेध
बैठनेका शुण ...,
पंगडी धारणके गुण
छनत्रघारण गुण , , ,
पालकीकी सवारीके शुण ,..
धघूपके गुण...
सदाचरणके गुण
सन्ध्याके कर्म ,..
_ रात्रिचर्या
भिथुन
नींदके शुण
उपभपानगुण -- , ,
ऋतुचर्या
तप्तुओक गुण और दोष
अकाू दोषवद्धि कक
दोषलक्षण ,.,
वर्षाऋ्रतुके नियस
रारदू ऋतुके नियम
हेमन्त शतुके नियम
थिदिर कऋषुके नियम -के ७ $थक कैके के कीके के केकिक ढककक कक ७कर्क करके १.
3 व्याधिलक्षण ,..,
व्याधिके भेद ...करनेसें दोपशु जाननेसे गुण
»१) चित्किठापद्धतिहेके 9 9पश्चम प्रकरण *%.के के के
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क्# १के कै है.के रे केरोगकों जानकरकी भी औंपन-
घिके न जाननेमैं दोप . .,
रोग और औषधि दोनेंकेके के थेके ४ 9कै कै कैहर 2 लक्षण कक थी के के थी
** | चिकित्साके अयेग्य रोगीके
१००| लक्षणदे व वैद्यके लक्षण ...
निषिद्ध वेद्यके लक्षण
बेद्यका कर्म१० ६ आयुका विचार77 दीर्पभायुके लक्षण72 | अव्प आयुक्त लक्षण
१०७ द्रव्यका वर्णन7 सेवकका लक्षण, , ,
१०८ और्षीघिका लक्षणचरडा७ + थेके # केकक रेकिकहे वेह््श्णपूष्,.. विषय, पृष्ठ,
१० ८ | औषधिके अ्दण करनेकी.
११. परिभाषा .., न दैसे५
द्रव्यौकी परीक्षा न» २२
स्वभावसे द्वितकारी वस्ठ ... १२३स्वभावसे अहितकारी ',., रीसयोगसे अहित करनेवाली
वस्तु कि क
औपधिके ग्रदणका सकेत .,.. १२४
एके बदले दूसरी वस्तु देना...”
द्रब्यमें रहनेवाले पांच पदार्थो-
के कर्म ,,,
मधुर रसके गुण अक
मधघर रसके बहुत सेवन कर-
नेके युण ,
अस्लरसके गुण
लवणर्सके गुण क
बहुत सेवन किये हुए. छवण
रसके अवगुण
११२ कट रसके गुण, , ,
११३ |बहुत सेवन किये हुए कट
7१. रसके अवगुण
22 | तिक्तारसके गुण , , , गिर
१? बहुत सेवन किये हुए; तिक्त
रसके अवगुण न... *!
१ | कपाय रसके गण नग.
बहुत सेवन किये हुए कपाय
रसके अवयुणरे१२६,दर्दथे के केश्श२कै के कि2के थे हिके ढ कैश्२टहद७4 हैश्श् न्न्क 2
7? | मघुरादि रसोंकी और विद्षेपता १२५९
7 द्रव्ययुण लो
गुर्णेकि वर्णनमे दीपन आदि
धो गुण लक्षण ,.... * ... ३०
9 पीर्यका वर्णन ..... नम्स हैंयेंदें
विपाकका वर्णन न. दै रे
२ १७ विपाकोके गण , , , कर, मं
7 प्रभावका वर्णन, , थ 2
| इति मिश्रवर्ग: . , , कक सं
३१२० | दरीतक्यादि वर्ग नन्न हे रैप7! दरीतकी के नाम, , ,
77 सप्तहरीतकी भद मी ।
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Rameshdutta
at 2019-06-15 01:13:07"So many pages are missing. Pages in index are missing .only 662 pages available."