दर्शन के प्रकार | Darshan Ke Prakar

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Darshan Ke Prakar by रमेश चन्द्र - Ramesh Chandra

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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विषय-सूची प्रस्तावना झनुवादक का निवेदनं संशोधित संस्करण कौ भूमिका भूमिका प्रवेश १, दर्शन মনা ই? २, दर्शन का मोलिक रूप : अध्यात्मवाद ३. जग्रत्‌ का प्रकृतिवादी दृष्टिकोण ४, प्रकृतिवाद का तर्कशास्त्र ४. प्रकृत्तिवांदी नीतिशास्त्र ६. प्रकृतिवाद फी परीक्षा ও. नव्य-साध्यवाद ४. बुद्धि में अविश्वास-सदेहवाद ६. प्रयोजनवाद बया है ? १०. प्रयोजनवाद की परीक्षा ११. ज्ञान के साधन के रूप में अनुभूति [फोलिग] १२. सहजन्नाव पर भास्था १३. वता १४, सहजबोधवाद की परीक्षा १५. सहजवोधवाद को समीक्षा १६, द्वेतवाद १७. द्वतवाद की परीक्षा १८. वेश्वक इंतवाद १६. प्रत्ययवाद क्या है ? २०. प्रत्यमवाद की सहजानुभूतियाँ ३१, बर्कले २२. मनोनिष्ठ प्रत्यववाद २३. मनोनिष्ठ प्रत्यववाद की परीक्षा ३४. वस्तुनिष्ठ प्रत्ययवाद २५, प्रकृति का अस्तित्व क्यो है ? ३६. प्रत्यक्ष प्रभाण १४ १३ द চু ५३ ६४ ७० ন্‌ य्‌ १०० ০৮ १०८ ११२ ११७ १२३ श्र८ १३७ १४१ १४४ १५० + १६४५ १७२ छत কলহ




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