प्रेमबानी राधास्वामी | Prembani Radhaswami

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Book Image : प्रेमबानी राधास्वामी  - Prembani Radhaswami
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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सुरतिया खड़ी रहे सुरतिया खिलत रहीसुरतिया घूम गई «..सुरतिया खेल रही गुरु चरनन पाससुरतिया खेल रही गुरु बागन वीचसुरतिया गगन चढदीसुरतिया गाज रहीसुरतिया गाय रही णुरु माहिमां सारसुरतिया गाय रही नितं॑ राधास्वामी नाम दया... सुरतिया गाय रही राधास्वामी नाम अपार सुरतिया चटक चढीसुरतिया चढत अधरसुरतिया चरन गढ्ेसुरतिया चाख रहीस॒रतिया चाह रहीसरतिया चुप्प रददीसुरातिया चेत रहीसुरतिया छान रहीसुरतिया छोड़ चली सुरातिया जाग उठी गुरु नाम सुमिर धर प्यार सुरतिया जाग उठी सुन चचन शुरू के सार सुरतिया जाग रहीसरतिया जाय वसीहिके वके क नकनकनए। सलनकिना ननर२५०२५६ १६९न




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